प्राचार्य की कलम से


इस ग्रामीण परिवेश में इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद् छात्र छात्राओं के सामने एक विकराल समस्या थी, उच्च शिक्षा प्राप्ति करने की। वे या तो महंगी शिक्षा प्राप्त करने हेतु शहर या महानगरों में जायें क्योंकि इस ग्रामीण अंचल में कोई भी महाविद्यालय नही था। इस कारण निर्धन, पिछडे छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाना समचीन था। इस आशय से आर० बी० शिक्षा समिति ने एक प्रस्ताव पास करके स्नातक स्तर की संस्थागत कक्षायें प्रारंभ करने के नाम से रामपाल विटाना देवी महाविद्यालय, शहीद स्थल बावन इमली, खजुहा मे खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा तथा वर्ष २००९ में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर ने बी० ए० स्तर की कक्षायें संचालित करने के लिये सम्बद्धता प्रदान कर दी। सुखदेव प्रसाद वर्मा (विधायक) का सपना था उसे उन्होनें तन-मन-धन से महविद्यालय की प्रगति को अग्रसारित किया।

वर्तमान में इस महाविद्यालय में ८ शिक्षण कक्ष, पुस्तकालय, वाचनालय, विशाल खेल का मैदान, स्वच्छ पेयजल की सुविधा एवं पाठ्य सहगामी क्रियायों से युक्त है। महविद्यालय में योग्य अध्यापकों द्वारा अध्यापन कार्य बी० एस० सी० संकाय खोलने पर विचार किया गया है। इस पुनीत कार्य के लिये प्रबन्ध समिति तथा छेत्रीय जनता तथा विद्यालय के कर्मचारियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

 

 
स्व० रामपाल वर्मा

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